Sunday, 28 December 2025

60 के बाद के साल आपकी ज़िंदगी: Tips for old aged

60 के बाद के साल आपकी ज़िंदगी: tips for old aged

मनोवैज्ञानिक हिदेकी वाडा ने "द 80-ईयर-ओल्ड वॉल" नाम की एक किताब पब्लिश की है। किताब पब्लिश होते ही इसकी 500,000 से ज़्यादा कॉपियां बिक गईं, जिससे यह उस समय की सबसे ज़्यादा बिकने वाली किताब बन गई। अगर यह सेल्स ट्रेंड जारी रहता है, तो किताब की 1 मिलियन से ज़्यादा कॉपियां बिकेंगी, जिससे यह जापान की साल की सबसे ज़्यादा बिकने वाली किताब बन जाएगी।

डॉ. वाडा, 61 साल के हैं, और बुज़ुर्गों की मानसिक बीमारियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं। उन्होंने 80 साल के लोगों के लिए "खुशकिस्मत" ज़िंदगी के रहस्यों को 44 वाक्यों में बताया है, जो नीचे दिए गए हैं:

1. चलते-फिरते रहें।

2. गुस्सा आने पर गहरी सांस लें।

3. इतनी एक्सरसाइज़ करें कि आपका शरीर अकड़े नहीं।

4. गर्मियों में एयर कंडीशनिंग इस्तेमाल करते समय ज़्यादा पानी पिएं।
5. डायपर से चलने-फिरने में आसानी होती है।
6. आप जितना ज़्यादा चबाएंगे, आपका दिमाग और शरीर उतना ही ज़्यादा एक्टिव रहेगा।

7. याददाश्त कमज़ोर होना उम्र की वजह से नहीं, बल्कि दिमाग का इस्तेमाल न करने की वजह से होता है।
8. बहुत ज़्यादा दवा लेने की ज़रूरत नहीं है।
9. ब्लड प्रेशर और शुगर को बेवजह कम करने की ज़रूरत नहीं है।
10. अकेले रहना अकेलापन नहीं है; यह शांति से समय बिताना है।
11. आलस करना कोई शर्म की बात नहीं है।
12. ड्राइविंग लाइसेंस पर पैसे खर्च करने की ज़रूरत नहीं है (जापान में सीनियर सिटिज़न से उनके लाइसेंस वापस लेने के लिए एक कैंपेन चल रहा है)।
13. जो आपको पसंद है, वह करें; जो आपको पसंद नहीं है, वह न करें।
14. बुढ़ापे में भी नेचुरल इच्छाएं बनी रहती हैं।
15. किसी भी हालत में, हर समय घर पर न बैठें।
16. जो आपको पसंद है, वह खाएं; हल्का मोटापा बेहतर है।
17. सब कुछ ध्यान से करें।
18. जिन लोगों को आप पसंद नहीं करते, उनसे दोस्ती न करें।
19. हर समय टीवी न देखें।
20. बीमारी से लड़ने के बजाय, उसके साथ जीना सीखें।
21. "जब गाड़ी पहाड़ पर पहुँचती है, तो रास्ता दिख जाता है" - यह बुज़ुर्गों के लिए खुशी का जादुई मंत्र है।
22. ताज़े फल और सलाद खाएं।
23. नहाने का समय 10 मिनट से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। 24. अगर आपको नींद नहीं आ रही है, तो खुद पर ज़ोर न डालें।
25. जो काम आपको खुशी देते हैं, उनसे दिमाग की एक्टिविटी बढ़ती है।
26. जो महसूस हो, वही कहें; ज़्यादा न सोचें।
27. जितनी जल्दी हो सके एक "फैमिली डॉक्टर" ढूंढ लें।
28. ज़्यादा सब्र या ज़बरदस्ती न करें; "बोल्ड सीनियर" होना भी बुरा नहीं है।
29. कभी-कभी अपना मन बदलना ठीक है।
30. ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव में, डिमेंशिया भगवान का दिया हुआ तोहफ़ा है।
60 के बाद के साल आपकी ज़िंदगी: tips for old aged
31. अगर आप सीखना बंद कर देंगे, तो आप बूढ़े हो जाएंगे।
32. शोहरत की चाहत न रखें; आपके पास जो है, वही काफी है।
33. मासूमियत बुज़ुर्गों के लिए होती है।
34. कोई चीज़ जितनी मुश्किल होती है, उतनी ही दिलचस्प हो जाती है।
35. धूप सेंकने से खुशी मिलती है।
36. ऐसे काम करें जिनसे दूसरों को फायदा हो।
37. आज का दिन आराम से बिताएं।
38. इच्छा ही लंबी उम्र की कुंजी है।
39. खुशी से जिएं।
40. आराम से सांस लें।
41. ज़िंदगी के सिद्धांत आपके अपने हाथों में हैं।
42. हर चीज़ को शांति से स्वीकार करें।
43. खुशमिजाज लोगों को सब प्यार करते हैं।
44. मुस्कान अच्छी किस्मत लाती है।

बूढ़ा होना कोई सीमा नहीं है - यह एक तोहफ़ा है। सही सोच और रोज़ाना की आदतों से, 60 के बाद के साल आपकी ज़िंदगी के सबसे फायदेमंद साल हो सकते हैं। आइए, बुढ़ापे को डर से नहीं, बल्कि ग्रेस, आभार और डॉ. वाडा द्वारा उदारता से शेयर की गई समझदारी के साथ अपनाएं।


Sunday, 23 November 2025

शयन विधान

शयन विधान
सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना।

सोने की मुद्राऐं:  
           उल्टा सोये भोगी, 
           सीधा सोये योगी,
           दांऐं सोये रोगी,
           बाऐं सोये निरोगी।

शास्त्रीय विधान भी है।

आयुर्वेद में ‘वामकुक्षि’ की बात आती हैं,  

बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।

शरीर विज्ञान के अनुसार चित सोने से रीढ़ की हड्डी को नुकसान और औधा या ऊल्टा सोने से आँखे बिगडती है।

सोते समय कितने गायत्री मंन्त्र गिने जाए :-

"सूतां सात, उठता आठ : सोते वक्त सात भय को दूर करने के लिए सात मंन्त्र गिनें और उठते वक्त आठ कर्मो को दूर करने के लिए आठ मंन्त्र गिनें।

"सात भय:-" 
इहलोक,परलोक,आदान,
अकस्मात ,वेदना,मरण ,
अश्लोक (भय)

दिशा घ्यान:- 

दक्षिणदिशा (South) में पाँव रखकर कभी सोना नहीं चाहिए । यम और दुष्टदेवों का निवास है ।कान में हवा भरती है । मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है स्मृति- भ्रंश,व असंख्य बीमारियाँ होती है।

यह बात वैज्ञानिकों ने एवं वास्तुविदों ने भी जाहिर की है।

1:- पूर्व ( E ) दिशा में मस्तक रखकर सोने से विद्या की प्राप्ति होती है।

2:-दक्षिण ( S ) में मस्तक रखकर सोने से धनलाभ व आरोग्य लाभ होता है ।

3:-पश्चिम( W ) में मस्तक रखकर सोने से प्रबल चिंता होती है ।
 
4:-उत्तर ( N ) में मस्तक रखकर सोने से हानि मृत्यु कारक होती है ।

अन्य धर्गग्रंथों में शयनविधि में और भी बातें सावधानी के तौर पर बताई गई है ।

विशेष शयन की सावधानियाँ:-

1:-मस्तक और पाँव की तरफ दीपक रखना नहीं। दीपक बायीं या दायीं और कम से कम 5 हाथ दूर होना चाहिये।

2:-संध्याकाल में निद्रा नहीं लेनी चाहिए।

3:-शय्या पर बैठे-बैठे निद्रा नहीं लेनी चाहिए।

*4:-द्वार के उंबरे/ देहरी/थलेटी/चौकट पर मस्तक रखकर नींद न लें।

5:-ह्रदय पर हाथ रखकर,छत के पाट या बीम के नीचें और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें।

6:-सूर्यास्त के पहले सोना नहीं चाहिए।

7:-पाँव की और शय्या ऊँची हो तो अशुभ है। केवल चिकित्स उपचार हेतु छूट हैं ।

8:- शय्या पर बैठकर खाना-पीना अशुभ है।

9:- सोते सोते पढना नहीं चाहिए।

10 :-ललाट पर तिलक रखकर सोना अशुभ है। (इसलिये सोते वक्त तिलक मिटाने का कहा जाता है। )